Badrinath Yatra 2024: चमोली में भूस्खलन का खौफनाक मंजर: पहाड़ टूटा, बद्रीनाथ हाईवे बंद!

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Badrinath Yatra 2024: चमोली में भूस्खलन का खौफनाक मंजर: पहाड़ टूटा, बद्रीनाथ हाईवे बंद!

आज उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बड़ा भूस्खलन हुआ। बद्रीनाथ हाईवे पर पातालगंगा-लंगसी टनल के पास पहाड़ी का एक हिस्सा टूट गया, जिससे बड़ी तबाही हुई,

भूस्खलन सुबह करीब 8 बजे हुआ। पहाड़ी का मलबा सड़क पर गिरा, जिससे बद्रीनाथ हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। ,इस घटना से बद्रीनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। प्रशासन सड़क को जल्द से जल्द साफ करने की कोशिश कर रहा है।

मुख्य बातें:•

स्थान: चमोली, उत्तराखंड

• समय: 10 जुलाई, 2024, सुबह 8 बजे

• प्रभावित क्षेत्र: बद्रीनाथ हाईवे, पातालगंगा-लंगसी टनल

• नुकसान: भारी वाहन क्षति, सड़क बंद

अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं यह घटना हमें याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहना चाहिए। भूस्खलन कभी भी आ सकता है और भारी नुकसान कर सकता है। प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

बद्रीनाथ यात्रा 2024: पवित्र धाम के दर्शन की एक यादगार यात्रा,

धामों में से एक है। हर साल यहां हजारों श्रद्धालु आते हैं। 2024 में भी बद्रीनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है, जो मई से नवंबर तक चलेगी।अगर आप भी इस साल बद्रीनाथ जाने की सोच रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। इसमें हम आपको बद्रीनाथ यात्रा 2024 से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारी देंगे, जिससे आपकी यात्रा सुखद और यादगार बन सके।

बद्रीनाथ धाम कब खुलता है? बद्रीनाथ धाम के दरवाजे हर साल बसंत पंचमी के दिन खोले जाते हैं। इस साल ये तारीख 10 मई 2024 थी। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण हर साल नवंबर में इसके दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं।बद्रीनाथ यात्रा की तैयारियांसबसे पहले, अपनी यात्रा की तारीखें तय करें. फिर यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करें. आप उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट

[badrinath-kedarnath.gov.in] पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

बद्रीनाथ धाम तक पहुँचने के कई तरीके हैं। आप सड़क, हवाई यात्रा या पैदल यात्रा चुन सकते हैं।

सड़क मार्ग: ऋषिकेश से बद्रीनाथ तक सड़क मार्ग है, जो लगभग 310 किलोमीटर लंबा है। रास्ते में कई खूबसूरत जगहें आती हैं।

हवाई मार्ग: देहरादून का जौलीग्रांट हवाई अड्डा सबसे नजदीक है। यहाँ से आप हेलीकॉप्टर से बद्रीनाथ धाम पहुँच सकते हैं।

• पैदल यात्रा: आप गोमुख से बद्रीनाथ धाम तक पैदल भी जा सकते हैं। यह यात्रा थोड़ी कठिन होती है और इसके लिए अच्छी सेहत की जरूरत होती है।बद्रीनाथ धाम में घूमने की जगहेंबद्रीनाथ धाम में भगवान विष्णु के बद्रीनाथ रूप के दर्शन करना सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, आप माता मूर्ति, गणेश गुफा, वन बद्री और शेषनेत्र जैसी जगहें भी देख सकते हैं।

• बद्रीनाथ धाम ऊंचाई पर है, इसलिए वहां ठंड रहती है। गर्म कपड़े साथ रखें।

• यह पहाड़ी इलाका है, इसलिए मौसम अचानक बदल सकता है। रेनकोट साथ रखें।

• पर्यावरण का ध्यान रखें ,

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